:: Blog Home       :: Sabai Nepali ko Sajha Blog ::

सबै नेपालीको साझा ब्लग


:: RECENT BLOGGERS
::
:: ARCHIVES
:: June 2026
:: May 2026
:: April 2026
:: March 2026
:: February 2026
:: January 2026
:: December 2025
:: November 2025
:: October 2025
:: September 2025
:: August 2025
:: July 2025
:: June 2025
:: May 2025
:: April 2025
:: March 2025
:: February 2025
:: January 2025
:: December 2024
:: November 2024
:: October 2024
:: September 2024
:: August 2024
:: July 2024
:: June 2024
:: May 2024
:: April 2024
:: March 2024
:: February 2024
:: January 2024
:: powered by

Sajha.com

:: designed by
:

   
Blog Type:: Blog
Tuesday, December 16, 2008 | [fix unicode]
 

आज पनि अखबारमा के-के पढियो, दु:खका कुरा सुनियो के-के
तर, तानाशाहको त्यो ठुलो सालीक अझै ढल्या छ कि छैन,
चौध हजार निर्दोश मारिए आफ्नै आँखा अगाडि, देखियो के-के
नयाँ संबिधानको "मीठो" फल अझै फल्या छ कि छैन,
उतिबेला पुलिसलाई ताकिएरै ढुङ्गा ठोकियो, छेकियो के-के
जनता मार्ने रमितेहरुको मन पापले भतभत जल्या छ कि छैन,
कारखानाको टायर पनि थुतेरै बालियो, अनि फालियो के-के
शहिदले श्रापले पिरोलेर कसैको दाल गल्या छ कि छैन,
हेलम्बुको स्याउ नबिकेर कुहिएको देखियो, तर खाइयो के-के
निमुखाले सहन सक्ने रासनी भाउ आज चल्या छ कि छैन,
रगत खोली बग्यो तर मेलम्चिको पानी बगेन, तिर्खाले पीइयो के-के
आजकाल त सगरमाथामा नेपाली झन्डा पनि हल्ल्या छ कि छैन !

आज अखबारमा के-के पढियो, सुनियो के-के
तानाशाहको त्यो ठुलो सालीक अझै ढल्या छ कि छैन !!!

बोस्टन, १६ डिसेम्बर ०८

   [ posted by vivasg @ 10:13 PM ] | Viewed: 2683 times [ Feedback]


: